दिल्ली पुलिस अगर चाहती तो तुरंत पकड़ा जा सकता था आरोपी, लेकिन घटना के 24 घंटे बाद भी नही खंगाले गए सीसीटीवी कैमरे

उत्तर पूर्वी दिल्ली- लोनी गोलचक्कर चौराहे पर घाटी ये घटना काफी हैरान कर देने वाली है तथा घटना स्थल पर कई सीसीटीवी कैमरे लगे हुए है यही नही इसी चौराहे पर दिल्ली पुलिस के थाना ज्योति नगर का पुलिस बूथ भी है जो जनता की सहायता के लिए बनाया गया है । अब ऐसी जगह पर इतनी सुरक्षा के बीच एक ऐसी घटना को अंजाम दिया गया जिसे सुन पर आप हैरान रह जाएंगे ।

                           सांकेतिक तस्वीर

गत 4 सितंबर को लोनी गोलचक्कर चौराहे पर  रात लगभग 9:30 से 10 बजे के बीच अपने घर लौट रहे पीड़ित रनजीत कुमार की कार का शीशा खुलवा कर एक शातिर अपराधी ने उसमें से मोबाइल उड़ा लिया तथा घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे रहे यही नही पुलिस बूथ भी  सामने था । बेखौफ़ अपराधी में न पुलिस का कोई डर ना कैमरे का कोई खौफ था । घटना के तुरन्त बाद पीसीआर को कॉल किया गया यही नही पीड़ित ने तुरंत ज्योति नगर थाने जा कर संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज करवाई । 
लेकिन हैरानी इस बात की है कि घटना के 24 से घंटे ज्यादा बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है सीसीटीवी कैमरे तक नही खंगाले गए जिससे आरोपी की पहचान हो सकती थी । आखिर दिल्ली पुलिस किस बात का इनतजार कर रही है? क्यों आरोपी को इतना समय दिया जा रहा है ? क्यों उसकी पहचान नही की जा रही है ? इन सभी सवालो ने दिल्ली पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान जरूर लगा दिया है । शायद दिल्ली पुलिस की इसी कार्यशैली के कारण देश की राजधानी दिल्ली में अपराधी बेखौफ है ।

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